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Just look at her

 

Somber mood gets evaded,

depressed mind gets rejoiced.


The hollow ambitions turn to the boosted ones,

All the lost hopes seek the beam of passion.


Subdued smiles emerge out deliberately,

all the pain gets alleviated instantly,


Burning anger gets smoothened into harmonies,

Just by looking at her spectacular eyes.


Just look at your mom, just look at her.


****

-Dirgha Pandey :)

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पुरुष का प्रेम

ये कथा उस पुरुष से प्रेरित है जिसने प्रेम किया भी खूब है और उसे जिया भी खूब है। पुरुष के प्रेम से आत्मविश्वास हो जाए जागृत ये किसी चमत्कार से कम नहीं। उसमें स्त्रीत्व की भावना भी होती है इस में कोई विस्मय या ब्रह्म नहीं। पौरुष वास्तव में है क्या? शौर्य का प्रतीक चाहे हृदय में कितनी ही पीड़ा हो। अगर टूट जाए सब्र का बांध उसका  तो शब्दों के बाण में भी सीमा हो। कठिन मार्ग में भी रखता जो आशा हो और सदैव बताता धैर्य की उचित परिभाषा हो। स्त्री का आंतरिक प्रतिबिम्ब पुरुष  स्त्री का पूरक भी पुरुष  मानो लहरों में बादलों का दर्पण वृक्षों की टहनियों समान सागर में नदियों का समर्पण। जैसे फूल को चूमती हवा  रोगी काया की सर्वोत्तम दवा। प्रेम की नौका का जल एवं स्त्री की हर दुविधा का हल। वह पुरुष है। उसका प्रेम कोमल जैसे आँचल में गिरता हुआ पंख दुर्लभ जैसे समुद्र में पाया गया हो शंख। शीतल जैसे पैरों को छूती गीली घास मासूम जैसे प्रत्येक स्त्री की आस। अरे! पुरुष का प्रेम तो असंतोष में स्थिरता दे जाता है जब कष्ट में वो तुम्हें माँ बनकर सहलाता है| दो प्रशंसा भरे शब्द सुन मन ही मन यूँ इठलाता ...

To my dear

To my dear once-loved, You are flourishing, it's true. I told you how quickly you'd move on, How joy would find you with each new dawn. It was my wish, and it had to come true, To see you happy, as I always knew. Your life now flows, so light, so free, A painless path, as it was meant to be. You promised to stand by me, through thick and thin, A steady hand, no matter where I'd been. But you cut me off, like I was just one more, A fleeting thought, erased and ignored. You never loved me, just played the role, Pretending well before them all. But I couldn't fulfill my dream— you , For you never wished for me, too. :) To my dear once-loved, You are flourishing, it's true. ***** -dp :)

वो प्रेम ढूँढ रही हूँ

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